राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हुआ भव्य कार्यक्रम
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हुआ कार्यक्रम, चरचा कोरिया छत्तीसगढ़ से प्रभात दास की रिपोर्ट, आरएसएस देशभर में शताब्दी वर्ष के निमित्त विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक पहुँचने का प्रयास किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में, कोरिया जिले की प्रमुख 'जन गोष्ठी' का भव्य आयोजन 28 मार्च को दोपहर 03 से 06 बजे तक बैकुंठपुर के 'दिव्यलोक' में संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम में समाज के प्रभावशाली एवं प्रमुख व्यक्तियों को 40 विभिन्न श्रेणियों और वर्गों में सूचीबद्ध कर आमंत्रित किया गया था। इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक विमर्श खड़ा करना, स्थानीय सामाजिक प्रश्नों में 'सज्जनशक्ति' की सहभागिता सुनिश्चित करना और प्रमुख बंधुओं एवं भगिनियों के साथ राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर संवाद करना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में श्री कैलाश चंद्र जी (क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख, केंद्र भोपाल) उपस्थित रहे। साथ ही श्री नरेश सोनी जी (जिला सह संघचालक) एवं श्री रविकांत गुप्ता जी (नगर संघचालक, बैकुंठपुर) मंच पर आसीन रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की प्रस्तावना श्री हिमांशु अवस्थी जी द्वारा रखी गई।
मुख्य वक्ता श्री कैलाश चंद्र जी ने अपने वक्तव्य में 'चरित्र की पवित्रता' का आह्वान करते हुए कहा कि, "भारत की आत्मा यहाँ की कुटुंब एवं परिवार व्यवस्था है। यदि परिवार व्यवस्था समाप्त हो गई, तो भारत कितनी भी उन्नति कर ले, वह अपनी मूल पहचान खो देगा।" उन्होंने आगे कहा कि भारतीय चिंतन सदैव विश्व शांति और कल्याण का रहा है, जहाँ 'धर्म की जय हो' का उद्घोष किया जाता है।
उन्होंने समाज से 'पंच परिवर्तन' के पांच मुख्य बिंदुओं को अपनाने का आग्रह किया नागरिक कर्तव्यबोध, कुटुंब प्रबोधन, स्व-आधारित जीवन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसत। गोष्ठी के दौरान श्रोताओं ने संघ से जुड़ी अपनी जिज्ञासाओं और प्रश्नों को रखा, जिनका श्री कैलाश चंद्र जी ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। कार्यक्रम के अंत में श्री नरेश सोनी जी ने आभार प्रदर्शन किया और सामूहिक 'वंदे मातरम' के गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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