महाशिवरात्रि के महापर्व पर शिवालयों में उमड़ा श्रद्धा का जनशैलाब
चरचा, कोरिया (छत्तीसगढ़) से प्रभात दास की रिपोर्ट
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर चरचा क्षेत्र के समस्त शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रातःकाल से ही भक्तजन पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे और देर शाम तक शिव मंदिरों में आस्था का तांता लगा रहा। पूरे क्षेत्र में “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
बस स्टैंड के समीप स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने दूध, जल, पुष्प एवं बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यहां 24 घंटे अखंड हरिकीर्तन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं के लिए पूड़ी-सब्जी का भंडारा भी आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इसी प्रकार सुभाष नगर शिव मंदिर, बीटीसी शिव मंदिर एवं स्टाफ कॉलोनी स्थित शिव-पार्वती मंदिर में भी उल्लेखनीय भीड़ देखने को मिली। व्हीटीसी शिव मंदिर में खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया गया। एनएच-43 स्थित थाना चरचा परिसर के शिव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस अवसर पर चरचा थाना पुलिस द्वारा भोग-भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान शिव की आराधना को समर्पित है। इस दिन शिवलिंग का रुद्राभिषेक, शिवपुराण कथा, भजन-कीर्तन एवं अखंड नाम-संकीर्तन का विशेष महत्व होता है। चरचा क्षेत्र में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर भगवान शिव से सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
महिलाओं एवं युवतियों ने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य एवं सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की, वहीं युवाओं और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। कई भक्तों ने निर्जला व्रत रखकर रात्रि जागरण किया तथा भजन-कीर्तन और आरती में शामिल हुए।
मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों की मालाओं से सुसज्जित किया गया था, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय वातावरण में सराबोर दिखाई दिया। समिति के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समुचित व्यवस्थाएं की थीं। सुरक्षा के भी आवश्यक प्रबंध किए गए, जिससे पर्व शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर चरचा क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं का मानना है कि सच्चे मन से की गई शिव आराधना जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करती है। देर रात तक मंदिरों में आरती और भजन-कीर्तन का क्रम जारी रहा और पूरा क्षेत्र शिवभक्ति में डूबा रहा।
Comments
Post a Comment