सेशन स्मृति 50वा गोल्ड कप फुटबॉल पेनेल्टी शूटआउट में संबलपुर और शेरशाह सेमी फाइनल में, दोनों क्वार्टर फाइनल रहे बेहद रोमांचक
शेषन स्मृति 50वां गोल्ड कप फुटबॉल
पेनाल्टी शूटआउट में संबलपुर (ओडिशा) व सेरसा खड़कपुर (प. बंगाल) सेमीफाइनल में
दोनों क्वार्टर फाइनल मुकाबले रहे बेहद रोमांचक।
चरचा कॉलरी, कोरिया (छत्तीसगढ़) से प्रभात दास की रिपोर्ट।
अखिल भारतीय शेषन स्मृति 50वें गोल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट के स्वर्ण जयंती समारोह के अंतर्गत प्रतियोगिता के पाँचवें दिन खेले गए दोनों क्वार्टर फाइनल मुकाबले अत्यंत रोमांचक रहे। दर्शकों ने कड़ी प्रतिस्पर्धा, अनुशासन एवं खेल भावना से भरपूर मुकाबलों का भरपूर आनंद लिया। दोनों ही मैचों का निर्णय पेनाल्टी शूटआउट के माध्यम से हुआ, जिसमें संबलपुर (ओडिशा) और सेरसा खड़कपुर (पश्चिम बंगाल) ने जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
पहला क्वार्टर फाइनल
समलेश्वरी-11 संबलपुर (ओडिशा) ने नीमच (म.प्र.) को पेनाल्टी में 3–1 से हराया
पहला क्वार्टर फाइनल मुकाबला दोपहर 1:47 बजे नीमच (मध्यप्रदेश) एवं समलेश्वरी-11 संबलपुर (ओडिशा) के मध्य खेला गया। अतिथियों द्वारा खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करने के पश्चात राष्ट्रगान के साथ मुकाबले का शुभारंभ हुआ।
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। मध्यांतर से 12 मिनट पूर्व संबलपुर के जर्सी नंबर 10 रोलेला ने शानदार गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके तीन मिनट बाद ही जर्सी नंबर 11 तूतू ने दूसरा गोल दागकर स्कोर 2–0 कर दिया। जवाब में नीमच के जर्सी नंबर 05 अरुण मिश्रा ने आकर्षक गोल कर स्कोर 2–1 किया। मध्यांतर तक यही स्कोर रहा।
मध्यांतर के बाद खेल और भी तेज हो गया। नीमच के जर्सी नंबर 11 रूपेश कोसल ने तीसरे ही मिनट में गोल कर स्कोर 2–2 से बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों को कई सुनहरे अवसर मिले, लेकिन संबलपुर के गोलकीपर के शानदार बचाव के चलते निर्धारित समय तक स्कोर बराबरी पर रहा।
निर्णय पेनाल्टी शूटआउट में हुआ, जिसमें समलेश्वरी-11 संबलपुर (ओडिशा) ने नीमच (मध्यप्रदेश) को 3–1 से पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
इस मुकाबले के मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार संबलपुर के गोलकीपर जर्सी नंबर 01 साहबान मुस्ताक को प्रदान किया गया।
मुख्य निर्णायक विजय आनंद, सहायक निर्णायक प्रफुल्ल कुमार एवं भरत राजवाड़े, तथा फोर्थ ऑफिशियल आशीष तिवारी रहे।
सेरसा खड़कपुर (प. बंगाल) ने एएससी रेलवे नागपुर (महाराष्ट्र) को पेनाल्टी में 2–1 से हराया
दूसरा क्वार्टर फाइनल मुकाबला सेरसा खड़कपुर (पश्चिम बंगाल) एवं एएससी रेलवे नागपुर (महाराष्ट्र) के मध्य खेला गया। दोनों ही टीमों ने पूरे मैच में जबरदस्त प्रयास किए, लेकिन निर्धारित समय तक कोई गोल नहीं हो सका। मध्यांतर और पूर्णकाल तक स्कोर 0–0 की बराबरी पर रहा।
मैच का फैसला पेनाल्टी शूटआउट में हुआ, जिसमें सेरसा खड़कपुर ने एएससी रेलवे नागपुर को 2–1 से पराजित कर सेमीफाइनल में स्थान पक्का किया।
इस मैच का मैन ऑफ द मैच पुरस्कार मुख्य चिकित्सा अधिकारी चिरमिरी डॉ. अशोक कुमार विराजी, रीजनल अस्पताल के डॉक्टर उदय भास्कर एवं अंडर मैनेजर निलेश अवधिया के हाथों प्रदान किया गया।
मुख्य निर्णायक विशाल प्रजापति, सहायक निर्णायक पप्पू कुमार (चरचा) एवं आकाश पटवा, तथा फोर्थ ऑफिशियल आशीष तिवारी रहे। दोनों मुकाबलों के कमिश्नर अनिल कचेर एवं अतिरिक्त निर्णायक विजय विश्वकर्मा रहे।
आयोजन व्यवस्था रही सराहनीय
ग्राउंड मैनेजमेंट में मो. रफीक, फिजियोथेरेपी में अवधेश राजवाड़े एवं आशीष मसीह की अहम भूमिका रही। आयोजन समिति में अध्यक्ष सह क्षेत्र प्रबंधक संजय कुमार, उपाध्यक्ष संदीप कुमार, सचिव मो. रियाज, सह-सचिव तपेश्वर प्रसाद एवं प्रवीन डेहरिया, तथा कोषाध्यक्ष महेश कुमार सहित पूरी टीम ने सफल आयोजन में योगदान दिया।
मंच पर कार्मिक प्रबंधक हीरा सिंह, धर्मेंद्र सिंह, धर्मवीर सिंह, प्रदीप डे, नीरज गुप्ता, अंकित अग्रवाल, प्रभात दास सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। हजारों की संख्या में दर्शकों ने स्टेडियम में पहुंचकर रोमांचक मुकाबलों का आनंद लिया।
प्रतियोगिता के छठे दिन दोपहर 3:00 बजे से केरल पुलिस (केरल) बनाम एफ.सी. जानल इम्फाल (मणिपुर) के मध्य सेमीफाइनल में प्रवेश हेतु मुकाबला खेला जाएगा।
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