मंद बुद्धि मरीजों के साथ यह कैसा व्यवहार?
*जनहितकारी मंदबुद्धि वाले मरीजों के लिए बनाया है या घोटाला करने का संसाधन?
19 दिसंबर 2025 को ब्रज प्रदेश अध्यक्ष सुनील शर्मा ने गौसना राया रोड मथुरा पर अचानक जनहितकारी संस्था का निरिक्षण किया जिसमे मरीजों के खाने पीने को लेकर वहाँ की सहायक बार्डन अंजू से वार्ता की सहायक बार्डन अंजू ने बताया कि संस्था मे 10 लोग काम करते हैं और सभी लोग अपने अपने कार्य कर रहे हैं ब्रज प्रदेश अध्यक्ष सुनील शर्मा ने उन सभी लोगों से मिलने के लिए सहायक वार्डन अंजू से बोला तो सहायक वार्डन अंजू ने बहाना बनाना चालू कर दिया की बाकी के लोग अभी बाहर कार्य कर रहे हैं मौके पर देखा गया तो तीन लोगों का स्टाफ मिला इस दौरान मरीज के चाय देने का समय हुआ तो चाय मानकों के आधार पर घटिया चाय का इस्तेमाल किया गया जिसमें चीनी की मात्रा अधिक थी चाय पत्ती ना मात्र की दूध भी न मात्र था और चाय की जगह पर खोलता हुआ पानी दिया गया सहायक वार्डन से एक व्यक्ति के बारे में पूछा गया जिसका नाम उमाकांत है वह शराब के सेवन के साथ वहां मौजूद था जो कि यह बहुत ही भयानक दृष्टि है जो कि मंदबुद्धि के मरीजों के साथ मारपीट करता है इस विषय के बारे में वहाँ के प्रभारी हिरदेश यदुवंशी से बात की तो उन्होंने बात को रफा-दफा करने के लिए उमाकांत से बाहर जाने के लिए कहा कि दोबारा आश्रम में नही दिखना इतना कहने के बाद भी जनहित अधिकारी के प्रभारी हिरदेश यदुवंशी की बात का कोई सम्मान नहीं किया गया ऐसा प्रतीत होता है की जनहितकारी के सभी कार्यकर्ता भ्रष्टाचार में लुप्त हैं दिव्यांगत अधिकारी महोदय से निवेदन है कि उनकी जांच की जाए
वहां की सहायक वार्डन अंजू का कहना है दिव्यांगता अधिकारी हमारे यहां से बहुत मोटी रकम खाते हैं इसीलिए हम लोग इस तरीके का खाना चाय नाश्ता देते हैं अब देखना यह है जनहितकारी संस्था में यह भ्रष्टाचार कब तक चलेगा
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