कॉलरी प्रबंधन की सराहनीय पहल, पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों से लिए सुझाव एवं सहयोग
कॉलरी प्रबंधन की सराहनीय पहल.......
पत्रकारों व जनप्रतिनिधियों से लिया गया सुझाव-सहयोग
चरचा कोरिया छत्तीसगढ़ एसईसीएल चरचा कालरी प्रबंधन द्वारा 18 जनवरी को आयोजित होने वाले वार्षिक खान सुरक्षा पखवाड़ा के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह, तथा 3 फरवरी से प्रारंभ होने वाले 50वें ऑल इंडिया सेशन स्मृति मोरियल गोल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट को बेहतर, सुरक्षित और ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के उद्देश्य से स्थानीय स्तर पर व्यापक संवाद की पहल की गई। इसी क्रम मेंचरचा क्षेत्रीय प्रबंधन संजय कुमार ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों से सुझाव व सहयोग लिया। क्षेत्रीय
प्रबंधक कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित पत्रकार संवाद बैठक में दोनों आयोजनों की रूपरेखा, सुरक्षा मानक, जनसहभागिता, मीडिया समन्वय और व्यवस्थागत मजबूती पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि सिर्फ आयोजन का सफल होना ही नहीं, बल्कि उसे सफल बनाने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी और समन्वय सबसे महत्वपूर्ण है। बैठक में प्राप्त सुझावों को अमल में लाने का भरोसा भी दिया गया। क्षेत्र प्रबंधक संजय कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी आयोजन की सफलता प्रबंधन के प्रयासों से नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग के सकारात्मक सहयोग से संभव होती है हम चाहते हैं कि आप सभी कार्यक्रम की अच्छाइयों को सामने लाएं ताकि उनका व्यापक प्रचार हो सके और साथ यदि कहीं कोई कमी या सुधार की गुंजाइश नजर आए तो उसे भी बेझिझक बताएं आपकी यह निष्पक्ष और रचनात्मक भूमिका हमें उन कमियों को दूर कर कार्यक्रम को और अधिक सुरक्षित सुव्यवस्थित व प्रभावी बनाने में मदद करेगी बैठक में कॉलरी प्रबंधन की ओर से संजय कुमार क्षेत्र प्रबंधक, चरचा माइन आर ओ,हीरा सिंह उप कार्मिक प्रबंधक, रियाज अहमद उपस्थित रहे। वहीं मीडिया की ओर से वरिष्ठ पत्रकार कमलेश शर्मा प्रेस क्लब अध्यक्ष, समाज से भी पत्रकार,नीरज गुप्ता, एनडीटीवी मनोज सिंह, आई एन एच पत्रकार कमालुद्दीन अंसारी, एसीएम भारत न्यूज़ प्रभात दास, एशियन न्यूज़,राजू शर्मा की उपस्थिति रही।
बैकुंठपुर क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक बी.एन. झा की पहल पर यह पहली बार हुआ कि प्रबंधन ने स्थानीय स्तर पर भी सहभागिता सुनिश्चित करते हुए कार्यक्रमों को और बेहतर बनाने की ठोस कवायद की। यह पहल न केवल पारदर्शिता और समावेशिता का उदाहरण है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सभी के साथ और सहयोग से हर कार्य निश्चित रूप से सफल होता है पत्रकारों ने प्रबंधन की इस दूरदर्शी सोच और खुले संवाद की खुले दिल से सराहना की और आश्वस्त किया कि जनहित, सुरक्षा और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने वाले इन आयोजनों में मीडिया हर संभव सकारात्मक सहयोग प्रदान करेगा।
चरचा प्रबंधन की यह पहल स्थानीय सहभागिता, सुरक्षा प्राथमिvकता और खेल भावना को सशक्त करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी—जिससे दोनों आयोजन न केवल सफल, बल्कि यादगार बनेंगे।
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