एक वृद्ध आश्रम ऐसा भी जहां सुरक्षा की नहीं है कोई गारंटी?
यह वृद्ध आश्रम है या कूड़ाघर, जांच की आवश्यकता है। क्रमशः
मथुरा 26 दिसंबर। एंटी करप्शन मूवमेंट भारत के ब्रिज प्रदेश अध्यक्ष सुनील शर्मा अपने साथियों सहित डेरुआ फाटक यमुना पार लक्ष्मी नगर स्थित एक वृद्ध आश्रम पहुंचे। टीम ने
वृद्ध आश्रम में बहुत कमियां देखी और अपनी नाराजगी भी जताई। टीम ने देखा कि वृद्ध लोगो को मानकों के आधार पर खाने पीने का सामान नहीं मिल रहा था और चारों ओर गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ था। 26 दिसंबर को खबर प्रसारित होते ही वृद्ध आश्रम की वार्डन निशा एवं वृद्ध आश्रम के प्रभारी श्री भगवान बेचैन होने लगे। वृद्ध आश्रम की बॉर्डन निशा ने ब्रज प्रदेश अध्यक्ष को फोन किया और आवारा कुत्तों के आने के बारे उन्होंने स्वीकार किया कि हमारे आश्रम में बाहर के आवारा कुत्ते गेट के अंदर प्रवेश कर जाते हैं और वृद्ध आश्रम की वार्डन निशा ने यह भी स्वीकार किया दूध की थैलियां को कुत्ते गंदगी से निकालकर फील्ड में डाल देते हैं।
अब देखना यह है कि आवारा कुत्ते अंदर कैसे प्रवेश करते हैं और वरिष्ठ लोगों के साथ कभी भी कोई भी हादसा कर सकते है क्योंकि आवारा कुत्तों को कोई भी रेबीज का इंजेक्शन नहीं लगता है सुरक्षा दृष्टि को देखते हुए एंटी करप्शन मूवमेंट भारत की कार्यकारिणी जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं उच्च अधिकारियों से अनुरोध करती है कि वृद्ध लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जांच कराये।
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